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Saturday, 23 November 2013

तू याद बहूत आती है

तू याद बहूत आती है मुझे,
एक दर्द भरी कहानी बनकर,
बहता है तेरा ग़म आज भी,
मेरे खून में रवानी बनकर,
तू याद बहूत ……… 

एक नया पन था मेरे जिंदगी में,
एक नया तराना था ,
भूल जाता था तुझे देखकर ,
अपना हर गम ,
तेरे नजरों में वो अजब मयखाना था ,
आजा फिर उजड़े दिल कि बगिया में ,
एक अंजान सैलानी बनकर ,
तू  याद बहुत ….... 

तेरी वो चंचल नटखटपन ,
तेरी शक्ल वो भोली ,
तड़पा जाती है तेरी वो प्यारी मुस्कान ,
तेरी मीठी सी वो बोली ,
आजा फिर मुझे गले लगाले ,
फिर मेरी वही दीवानी बनकर ,
तू याद  बहुत ....... 

तुझे समझा मैंने जिंदगी अपनी,
तुम्हे जहाँ माना अपना ,
साथ जीने कि खाती थी कसमें ,
दिखाती थी तू मुझे हसीं सपना ,
क्यों कर गई तबाह जिंदगी मेरी ,
एक भयानक रात तूफानी बनकर ,
तू याद बहुत ....... 

भूलने कि कोशिश करता हूँ तुझे ,
पर भूल नही पा रहा हूँ मैं ,
शौक लगता है मुझे भी हँसने का ,
पर रोते जा रहा हूँ मैं ,
कहता हूँ झूठ सबसे भूल गया मैं तुझे ,
अपने होंठो पर झूठी मुस्कान ला रहा हूँ मैं,
नहीं आएगी तू अब जिंदगी में मेरी ये पता है मुझे ,
पर रहेगी तू हमेशा मेरी आँखों में पानी बनकर ,
तू याद बहुत ....... 

                                                                              -  अरुण शर्मा